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गुजरात में बुनियादी ढांचे का बड़ा विस्तार:

अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे अब भावनगर तक बढ़ेगा, अगले 3 महीनों में शुरू होगा ग्राउंड वर्क

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रिपोर्ट। धरकास मोखा। गुजरात 

गांधीनगर/अहमदाबाद:

गुजरात में औद्योगिक विकास और कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार और सड़क परिवहन प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाया है। महत्वाकांक्षी अहमदाबाद-धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) एक्सप्रेसवे को अब आगे बढ़ाते हुए भावनगर तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़े प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आगामी 3 महीनों के भीतर इसका ग्राउंड वर्क (जमीनी काम) आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया जाएगा।

यात्रा के समय में आएगी भारी कमी, दूरी होगी कम

सड़क परिवहन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस नए रूट के तैयार होने से अहमदाबाद, धोलेरा एसआईआर (SIR) और भावनगर के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच यात्रा में लगने वाला समय इस एक्सप्रेसवे के विस्तार के बाद काफी घट जाएगा, जिससे यात्रियों को एक सुगम और निर्बाध यातायात का अनुभव मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे इन प्रमुख केंद्रों के बीच एक लाइफलाइन की तरह काम करेगा।

औद्योगिक गलियारे और पर्यटन को मिलेगा नया वेग

इस एक्सप्रेसवे को भावनगर तक लंबा करने से न केवल आम जनता को सुविधा होगी, बल्कि यह गुजरात के आर्थिक परिदृश्य को बदलने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

औद्योगिक परिवहन: धोलेरा एसआईआर में आ रहे वैश्विक उद्योगों और भावनगर के व्यापारिक केंद्रों के बीच माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) बेहद आसान और तेज़ हो जाएगी।

सौराष्‍ट्र का विकास: इस विस्तार के कारण पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र में व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व तेज़ी आने की उम्मीद है।

पर्यटन को बढ़ावा: अहमदाबाद और सौराष्ट्र के पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।

भूमि अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

परियोजना को समय सीमा के भीतर शुरू करने के लिए रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बेहद सक्रियता से काम कर रही है। इस नए रूट के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और टेंडरिंग (Tendering) की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरियां जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएं ताकि तीन महीने बाद बिना किसी रुकावट के निर्माण कार्य को गति दी जा सके।

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